*कोटक महिंद्रा बैंक, आईएमगुड़गाँव और जीएमड़ीए ने मिलकर सुलझाई सेक्टर 55–57 की जलभराव की समस्या*
_क्रीक 4 का तीन साल का सुधार कार्य पूरा, क्षेत्रवासियों को मिली राहत_
समाचार संकलन - दीपक मिश्रा
A.Bharat News *गुरुग्राम, 10 सितंबर 2026:* सेक्टर 55, 56 और 57 से होकर गुजरने वाले एक नेचुरल स्टॉर्मवाटर क्रीक अर्थात बारिश के पानी की निकासी वाली प्राकृतिक जलधारा का तीन साल की मेहनत के बाद सुधार कार्य पूरा हो गया है। कोटक महिंद्रा बैंक, सिटिज़न ग्रुप आईएमगुड़गाँव और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमड़ीए) ने मिलकर यह काम किया है। इस पहल से क्रीक की पानी बहाने की क्षमता फिर से बेहतर हुई है।
_क्रीक 4 का तीन साल का सुधार कार्य पूरा, क्षेत्रवासियों को मिली राहत_
समाचार संकलन - दीपक मिश्रा
A.Bharat News *गुरुग्राम, 10 सितंबर 2026:* सेक्टर 55, 56 और 57 से होकर गुजरने वाले एक नेचुरल स्टॉर्मवाटर क्रीक अर्थात बारिश के पानी की निकासी वाली प्राकृतिक जलधारा का तीन साल की मेहनत के बाद सुधार कार्य पूरा हो गया है। कोटक महिंद्रा बैंक, सिटिज़न ग्रुप आईएमगुड़गाँव और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमड़ीए) ने मिलकर यह काम किया है। इस पहल से क्रीक की पानी बहाने की क्षमता फिर से बेहतर हुई है।
क्रीक 4 एक प्राकृतिक जलधारा है, जो आसपास के सेक्टरों और सड़कों से आने वाले बारिश के पानी को बाहर निकालती है। इसमें गोल्फ कोर्स रोड और इसके आसपास के रिहायशी इलाकों का पानी भी शामिल है। कई दशकों तक देखरेख न होने के कारण क्रीक में कंस्ट्रक्शन के मलबे तथा नगर निगम के कचरे के कारण भारी मात्रा में गाद जमा हो गई थी, जिससे बारिश के अतिरिक्त पानी की निकासी की क्षमता काफी प्रभावित हो गई थी। इसके चलते आसपास के सेक्टरों के लोगों को हर मानसून में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता था साथ ही बारिश का पानी आसपास की सड़कों पर जमा हो जाता था, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इस कार्य के अंतर्गत नाले से पुराने कचरे और कंस्ट्रक्शन के मलबे को हटाया गया तथा क्रीक के कुछ हिस्सों की गहराई बढ़ाने के साथ उसकी सफाई और मरम्मत भी की गई। इसके अतिरिक्त कटाव से प्रभावित किनारों को मजबूत किया गया और बारिश के पानी को जमा करने के लिए जगह तैयार की गई। इसके अलावा, बंद पड़े बारिश के पानी की निकासी वाले रास्तों को फिर से खोला गया और क्रीक के आसपास स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
साझेदारों ने, क्रीक के किनारे एक पैदल रास्ता भी तैयार किया है और लोगों को क्रीक के बारे में जानकारी देने वाले साइन बोर्ड भी लगाए हैं। इससे क्रीक का वह हिस्सा भी लोगों के लिए सुलभ हो गया है, जहां पहले लोगों के पास आने जाने या पैदल चलने की ज्यादा सुविधा नहीं थी। इसके अलावा क्रीक के किनारों पर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनके बढ़ने के साथ ही ये पौधे किनारों को मजबूत रखने और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
शहर के विस्तार के साथ- साथ गुरुग्राम की जल निकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है, और प्राकृतिक नालों पर अतिक्रमण, निर्माण या अवरोध की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में बहाल की गई क्रीक बारिश के पानी को शहर के घनी आबादी वाले इलाकों से बाहर निकालने के बचे हुए कुछ प्रमुख रास्तों में शामिल हैं
इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड में हेड – सीएसआर एंड ईएसजी, हिमांशु निवसरकर ने कहा,“क्रीक 4 को फिर से चालू करने के लिए जीएमड़ीए की अनुमति और जरूरी मंजूरियां, आईएमगुड़गांव की स्थानीय स्तर की जानकारी और तीन साल तक लगातार मिली फंडिंग, तीनों की जरूरत थी। इनमें से किसी एक के बिना यह काम पूरा नहीं हो सकता था। आज नतीजा यह है कि अब क्रीक में बारिश का पानी आसानी से बह सकता है, लोगों के लिए पैदल चलने का रास्ता उपलब्ध है और इस मॉडल को गुरुग्राम की दूसरी क्रीक को सुधारने के लिए भी अपनाया जा सकता है।”
आईएमगुड़गाँव की सह-संस्थापक और ट्रस्टी, लतिका थुकराल ने कहा,“क्रीक 4 के मामले में हमारा उद्देश्य एक प्राकृतिक जलधारा को फिर से उपयोग में लाना था। यह एक ऐसा काम है जिसमें समय लगता है। इसमें पुराना कचरा हटाना, क्रीक के तल को ठीक करना, किनारों को मजबूत करना और फिर स्थानीय पौधों को विकसित होने का मौका देना शामिल है। ऐसी क्रीक, जो बारिश का पानी बहाने के साथ-साथ पक्षियों और कीड़ों के लिए भी प्राकृतिक जगह तैयार करती है, इस शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण है। गुरुग्राम में ऐसी कई और क्रीक हैं, जिन्हें इसी तरह की देखभाल और सुधार की जरूरत है।”
क्रीक 4 के सुधार का काम कोटक महिंद्रा बैंक ने आईएमगुड़गाँव और जीएमड़ीए के साथ मिलकर किया है। यह काम सेक्टर 55, 56 और 57 से होकर गुजरने वाली क्रीक के पूरे हिस्से में किया गया है।

